राहुल के बयान पर भड़की एनसीपी
नई दिल्ली। बेतहाशा बढ़ती महंगाई को लेकर कठघरे में खड़ी सरकार में शामिल मंत्री और राजनीतिक दल महंगाई का ठीकरा एक-दूसरे के सिर फोडने में जुटे हैं। राहुल गांधी ने एक ओर महंगाई को काबू में करने के प्रयासों के विफल होने के लिए "साझा सरकार" की मजबूरी को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, दूसरी ओर राहुल के इस बयान से सहयोगी दल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) भड़क उठी है।
एनसीपी के महासचिव और राज्यसभा सांसद तारिक अनवर ने बुधवार को दो टूक शब्दों में कहा कि खाद्य पदार्थो की बढ़ती कीमत के लिए किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक वार करते हुए कहा कि केन्द्र में संप्रग सरकार का नेतृत्व करने वाली कांग्रेस को खासकर बिहार चुनाव के बाद वास्तविकता समझनी चाहिए। बिहार चुनाव में कांग्रेस अपने बल पर सिर्फ चार सीटें जीत पाई थी। माना जा रहा है कि अनवर का ईशारा देश के दूसरे राज्यों में कांग्रेस की खस्ता राजनीतिक हालत की ओर था।
पवार ने बढ़ाई महंगाई !
गौरतलब है कि मंगलवार को लखनऊ में छात्रों के साथ बातचीत के दौरान राहुल ने महंगाई के लिए साझा सरकार को जिम्मेदार ठहराया था। छात्रों ने राहुल से पूछा था कि जब स्वर्गीय इंदिरा गांधी अपने कार्यकाल के दौरान महंगाई रोकने में कामयाब रही थीं, तो मौजूदा संप्रग सरकार महंगाई पर लगाम क्यों नहीं लगा पा रही है। जवाब में राहुल ने कहा था कि "उस समय (इंदिरा गांधी के कार्यकाल के दौरान) एक पार्टी की सरकार हुआ करती थी। जबकि वर्तमान में कई पार्टियां मिलकर साझा सरकार बनाती हैं।" उन्होंने कहा था कि साझा सरकार की अपनी मजबूरियां होती हैं। राहुल के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि राहुल ने अप्रत्यक्ष रूप से कृषि मंत्री और एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार को महंगाई के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
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Mahi
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