skip to main |
skip to sidebar
London Olympic Games 2012
राहुल गांधी "लालची चेला" -उमा
लखनउ। लश्कर की तुलना में हिन्दू कट्टरवाद को ज्यादा खतरनाक बताने के बयान पर विपक्ष की आलोचना झेल रहे कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी अब उमा भारती के निशाने पर है। राहुल को दिग्विजय सिंह का लालची चेला करार देते हुए उमा ने उन्हें दिग्विजय सिंह से बचने की सलाह दी।
लखनऊ में एक कार्यक्रम में भाजपा की पूर्व नेता उमा भारती ने कहा कि राहुल यह सारा पाठ दिग्विजय सिंह से पढ़ रहे है, जो खुद भी मुसलमानों को सर्पोट लेने के लिए आरएसएस विरोधी बयान देते रहते है। उन्होंने कहा कि मैं राहुल को कहूंगी कि थोड़ा पढ़ा करो। दिग्विजय सिंह जो नोट्स बनाकर देते हुए उन्हें राहुल पढ़ देते है तो ऎसा होगा ही। उमा ने कहा कि राहुल को मेरे से क्लास लेनी चाहिए। राहुल ने दिग्विजय सिंह को अपना गुरू बना लिया है लेकिन इन दोनों पर यह कहावत शत प्रतिशत चरितार्थ होती है लोभी गुरू लालची चेला- दोनों नरक में ठेलमठेला। उन्होंने कहा कि गांधी एक बड़े राजनीतिक घराने से हैं इसलिए उन्हें दिग्विजय सिंह जैसे राजनीतिज्ञों से बचना चाहिए।
दिग्विजय सिंह पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह को इस तरह के गैर जिम्मेदाराना बयान देने का शौक है। राहुल मुझसे सीखें और आरएसएस का इतिहास पढ़ें। कश्मीर में जवाहर लाल नेहरू ने भी आरएसएस की मदद मांगी थी। यहां तक कि गणतंत्र दिवस के मौके पर परेड में भी आरएसएस को शामिल किया गया है। राहुल को यह सब पढ़ना चाहिए।
भविष्य अभी तय नहीं
आगामी विधानसभा चुनाव में खुद को भाजपा की ओर से उत्तरप्रदेश में मुख्यमंत्री पद का दावेदार बताए जाने की बात पर उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं बता कि यह बात कहां से आई है। उन्हें अभी तय करना है कि उनका भविष्य क्या होगा। भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी के बयान पर उन्होंने कहा कि आडवाणी जी ने जो कुछ कहा वह भी सही है और जो कुछ मैं कह रही हूं यह भी सही है।
राजीव संग रिश्ते पर राजी नहीं थे मां-बाप
वाशिंगटन। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ रिश्ते को लेकर उनके माता पिता राजी नहीं थे। विकीलीक्स ने अहम खुलासा करते हुए कहा है कि सोनिया ने केलिफोर्निया के गर्वनर की पत्नी को बताया था कि उनके माता पिता राजीव के साथ उनकी शादी के खिलाफ थे।
दस्तावेजों के अनुसार सोनिया गांधी अपने बारे में बहुत कम बोलती है लेकिन माçरिया से उन्होंने कई राज साझा किए हैं। सोनिया ने यह भी बताया है कि उनके माता पिता ने राजीव गांधी के साथ उनकी शादी पर विरोध जताया था। लेकिन इसके बावजूद वह अपने फैसले पर कायम रही और राजीव से शादी करने में कामयाब रही । सोनिया ने मारिया से कहा था कि लोग उन्हें अक्सर इस मसले पर सवाल पूछते हैं लेकिन मैं कहूंगी कि किसी दिन इस मसले पर किताब लिखकर सारा हाल बयां कर दूंगी।

विकीलीक्स पर अमरीकी खुफिया दस्तावेजों के अनुसार सोनिया की मारिया से हुई इस बातचीत को गोपनीय दस्तावेजों की सूची में रखा गया है। सोनिया ने उस दौरान यह भी कहा कि 2004 में प्रधानमंत्री न बनने के अपने फैसले पर उन्हें कोई मलाल नहीं है।
"आतंकवाद, साम्प्रदायिकता से खतरा"
मुम्बई। विकीलीक्स के खुलासे के बाद विपक्ष के निशाने पर आए कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने खुद अपने बयान पर सफाई दी है। राहुल गांधी ने कहा है कि हर तरह के आतंकवाद से देश को खतरा है। आतंकवाद, साम्प्रदायिकता दोनों से बराबर का खतरा है और इससे सतर्क रहने की जरूरत है।
हालांकि सफाई देने के लिए राहुल खुद सामने नहीं आए बल्कि एक प्रेस रिलीज जारी कर अपनी बात रखी। राहुल की ओर से जारी पे्रस रिलीज को कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने पढ़ कर सुनाया। इस रिलीज मे राहुल गांधी ने कहा है आतंकवाद और साम्प्रदायिकता देश के लिए बराबर का खतरा है। भले ही इसे कोई भी अंजाम दे। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह का आतंकवाद देश के लिए अच्छा नहीं है। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि उस आतंकवाद के पीछे कौन है। आतंक का हर रूप खतरनाक है और देश को इसके प्रति सर्तक रहने की जरूरत है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि विपक्ष उन लोगों पर अंगुलियां उठा रहा है जिनके परिवार ने देश की एकता के लिए अपनी जान दे दी। आतंकवाद पर कांग्रेस की राय जगजाहिर है । उन्होंने कहा कि सवाल उठाने वाले अपने गिरेहबान में झांककर देखें।
यह उल्लेखनीय है कि विकीलीक्स में किए गए खुलासे के मुताबिक राहुल ने अमरीकी राजदूत को कहा था कि भारत को लश्कर जैसे संगठनों से ज्यादा खतरा हिन्दू कट्टरवाद से है। भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए कहा कि राहुल गांधी पाकिस्तान के प्रवक्ता की तरह बोल रहे हैं।
"हिन्दू चरमवाद ज्यादा खतरनाक"
नई दिल्ली। अमरीका के गोपनीय दस्तावेज का खुलासा कर पूरी दुनिया में हड़कंप मचाने वाली खोजी वेबसाइट विकीलीक्स ने कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी से जुड़ा एक सनसनीखेज खुलासा किया है। विकीलीक्स के मुताबिक राहुल गांधी ने हिन्दू कट्टरपंथियों को इस्लामिक अलगाववादियों से भी बड़ा खतरा बताया था। राहुल पर किए गए इस खुलासे से देश के राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई।
विकीलीक्स के मुताबिक राहुल गांधी ने पिछले साल अमरीकी राजदूत टिमोथी रोमर से आतंकवाद पर चर्चा के दौरान कहा था कि हिन्दू चरमपंथी आने वाले समय मे देश के लिए एक बड़ा खतरा है।
अमरीकी राजदूत से आतंक के मसले पर चर्चा करते हुए राहुल ने कहा कि भारत में भले ही कुछ तत्व लश्कर जैसे इस्लामिक आतंकवादी संगठनों का समर्थन कर रहे हैं परन्तु इससे बड़ा खतरा चरमपंथी हिन्दू संगठनों से है जो दोनों समुदायों मे धार्मिक तनाव पैदा कर रहे हैं।
मोदी के कारण तनाव की बात कही
प्रधानमंत्री आवास पर लंच के दौरान हुई इस मुलाकात में राहुल ने रोमर से कहा कि इस तरह के स्थिति में दोनों समुदायों में टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। लेकिन शायद उभरते कट्टरपंथ हिन्दू संगठनों से देश को ज्यादा खतरा है। राहुल ने नरेन्द्र मोदी के कारण पैदा हुई तनाव की बात कही थी।
राहुल ने कहा था कि कुछ राजनीतिक तत्व दोनों समुदायों में तनाव फैलाने की कोशिश करते है लेकिन देश में तेजी से फैल रहा हिन्दू कट्टरपंथ ज्यादा खतरनाक है। देश के भीतर पनप रहे चरमपंथ पर चिंता बढ़ रही है और इस पर ध्यान देने की जरूरत है।
भाजपा ने कहा राहुल की सोच दुर्भाग्यपूर्ण
भाजपा ने राहुल के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। भाजपा नेता रविशंकर ने राहुल पर निशाना साधते हुए कहा कि इस बयान से पता चलता है कि भारत के बारे में राहुल की सोच कैसी है। राहुल ने लश्कर ए तैयबा और पाकिस्तान के बाकी आतंकी संगठनों के दुष्प्रचार को सही ठहरा दिया है।
भाजपा ने कहा कि राहुल आतंकवाद को आस्था के आधार पर बांटने की कोशिश कर रहे है। यह उनकी सोच का संकेत है जिसको अमरीका की ओर से नकारा नहीं गया है। पार्टी इस बयान की कड़ी भर्त्सना करती है।
भाजपा नेता विनय कटियार ने कहा कि राहुल ने कभी भारत को इतिहास नहीं पढा इसलिए ऎसी बातें कह रहे है।
इससे पहले, भाजपा प्रवक्ता तरूण विजय ने राहुल को पाकिस्तान और लश्कर प्रवक्ता करार देते हुए कहा कि राहुल की सोच दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों के वोट पाने के लिए यह बयान दिए गए हैं। इस बयान से आतंकी संगठनों को बढ़ावा मिलेगा। यह बात मुसलमानों को अपमान करने जैसी बात है। राहुल और दिग्विजय दोनों एक जैसी ही भाषा बोल रहे हैं। देश भक्ति को कटघरे में खड़ा करके राहुल गांधी वोट बैंक तैयार करने में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि इससे भारत की एकता को खतरा पैदा हो गया है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तुलना सिमी से कर दी थी। जिस पर देश भर में खासा बवाल मचा था। संघ नेताओं ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी।
भाजपा पर भड़कीं सोनिया, जेपीसी जांच से इनकार

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी सोमवार को 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच कराने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। विपक्ष पर भड़कते हुए सोनिया ने कहा कि देश की जनता संसद के पूरे सत्र को हंगामे की भेंट चढ़ाए जाने को कभी नहीं भूलेगी और न ही विपक्ष को इसके लिए माफ करेगी।
कांग्रेस संसदीय पार्टी (सीपीपी) की बैठक में सोनिया ने भ्रष्टाचार और जमीन घोटाले में कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा नाम होने के बावजूद उनके सीएम बने रहने के मुद्दे पर भाजपा पर निशाना साधा। बैठक में मौजूद सांसदों ने यह जानकारी दी है।
जेपीसी की क्या जरूरत है ?
विपक्ष की जेपीसी की मांग को ठुकराते हुए सोनिया ने कहा कि जेपीसी की जरूरत ही कहां है जब पीएसी और सीबीआई मामले की पहले से ही जांच कर रही है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट भी मामले की निगरानी कर रहा है और कोर्ट के पूर्व जज इस मुद्दे की जांच कर रहे हैं। --
Mahi