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Thursday, November 25, 2010

रेड्डी का सपना, राहुल बनें पीएम

रेड्डी का सपना, राहुल बनें पीएम 
 

हैदराबाद। आंध्र प्रदेश के नए मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी राज्य के पूर्व दिवंगत सीएम वाईएसआर रेड्डी के सपनों को पूरा करना चाहते हैं। उनकी ख्वाहिश थी कि अगले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठें और इसके साथ ही कांग्रेस राज्य में 41 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज करे। 

गुरूवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद किरण ने जनता से कहा कि "मैं वर्ष 2014 में होने वाले लोकसभा चुनावों तक पार्टी को मजबूत करने पर ध्यान केन्द्रित करूंगा और सरकार की एक नई छवि पेश करूंगा।" 

किरण ने कहा कि "मुझे विश्वास है कि पूर्व मुख्यमंत्री वाईएसआर रेड्डी द्वारा लाई गई हर योजना को क्रियान्वित किया जाएगा। मैं उनके अधूरे सपनों को भी पूरा करने की कोशिश करूंगा। उनकी चाहत थी कि वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस राज्य में 41 सीटें जीते और राहुल गांधी देश के पीएम बनें।" 

रेड्डी ने बताया कि वाईएसआर ने मौत से तीन दिन पहले ही अपनी इस इच्छा के बारे में बताया था। गौरतलब है कि के. रोसैया के इस्तीफे के बाद कांग्रेस विधायक दल की बुधवार को हुई बैठक में रेड्डी को सीएम चुना गया था।


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Mahi

Friday, November 19, 2010

देश में भ्रष्टाचार उफान पर - सोनिया

देश में भ्रष्टाचार उफान पर - सोनिया 

 

नई दिल्ली। भ्रष्टाचार और घोटालों को लेकर केन्द्र सरकार चौतरफा आलोचना झेल रही है तो दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक बयान देकर मामले की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। देश भर में फैले भ्रष्टाचार पर सोनिया ने कहा कि मौजूदा समय में देश में भ्रष्टाचार उफान पर है। लालच और घूस देना चरम पर पहुंच गया है। 

सोनिया ने कहा कि देश में आर्थिक तरक्की तो हुई है लेकिन नैतिक मूल्यों में भारी गिरावट आ गई है। वहीं जनता से किए गए वादे कभी पूरे नहीं होते। वादा करने और उन्हें निभाने में बहुत अंतर होता है। इसलिए सरकार को ज्यादा प्रभावी और कारगर होने की आवश्यकता है। इस समय प्रभावी और कुशल सरकार की जरूरत है। 

उन्होंने कहा कि भले ही देश में करोड़पतियों की संख्या दिनोंदिन बढ़ रही हो पर आज भी करोड़ों लोग रोटी के लिए तरस रहे हैं। जिन मूल्यों पर स्वतंत्र भारत का निर्माण हुआ वो खतरे में आ गए हैं। 

उल्लेखनीय है कि 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाला, आदर्श हाउसिंग सोसायटी घोटाला, कॉमनवेल्थ गेम्स में घोटाले को लेकर पिछले कई दिनों से सरकार विपक्ष के निशाने पर है। 2-जी को लेकर पीएम की चुप्पी पर भी काफी सवाल उठ रहे हैं। यहां तक कि सर्वोच्च अदालत ने भी पीएम की चुप्पी पर जवाब मांगा है। ऎसे में सोनिया गांधी का भ्रष्टाचार के मुद्दे पर दिया गया बयान काफी मायने रखता है।


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Mahi

Saturday, November 13, 2010

Rahul Gandhi with school children in New Delhi

Rahul Gandhi with school children in New Delhi


Rahul Gandhi with school children in New Delhi, 13th November 2010

सोनिया गांधी अवैध संतान सुदर्शन

सोनिया गांधी अवैध संतान: सुदर्शन

Source: भास्कर न्यूज़   |   Last Updated 23:12(11/11/10)
भोपाल.
 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रमुख केएस सुदर्शन ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की हत्या का षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया। 

सुदर्शन यहीं नहीं रुके और उन्होंने सोनिया को सीआईए (अमेरिकी खुफिया एजेंसी) की एजेंट और 'अवैध संतान' भी कह दिया। 

सुदर्शन ने बुधवार को भोपाल में संघ के धरना स्थल पर मीडिया से चर्चा में ये आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सोनिया के जन्म के समय उनके पिता जेल में थे। इस बात को छिपाने के लिए ही वे अपनी जन्मतिथि 1944 के बजाय 1946 बताती हैं। उन्होंने कहा कि एक कांग्रेस नेता ने उन्हें यह सारी जानकारी दी। सुदर्शन ने उस नेता का नाम उजागर करने से इनकार कर दिया। 

संघ को फंसाने में लगा है केंद्र : उधर दिल्ली में भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार आतंकी हमलों के मामलों में संघ को फंसाने में लगी है। वह इसके लिए सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है। 

आडवाणी ने भाजपा संसदीय दल की बैठक में ये विचार जताए। उन्होंने कहा कि केंद्र की यूपीए सरकार भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी हुई है। वह लोगों का ध्यान बंटाने के लिए संघ को आतंकी मामलों में फंसाने की कोशिश कर रही है।

सोनिया गांधी को अवैध संतान नहीं कहा-मिश्र 

सोनिया गांधी पर चर्चित पुस्तक 'सोनिया अंडर स्क्रूटिनी' लिखने वाले पूर्व भाजपा सांसद दीनानाथ मिश्रा ने दैनिक भास्कर से कहा कि किताब में ऐसा कोई जिक्र नहीं है। उन्होंने कहा कि हिंदी में यह पुस्तक 'सोनिया गांधी का सच' के नाम से प्रकाशित हुई। सुदर्शन की टिप्पणी पर कोई प्रतिक्रिया न जताते हुए मिश्र ने कहा कि उनकी किताब में सोनिया के क्वात्रोच्चि के साथ रिश्तों और कुछ अन्य संदर्भो का उल्लेख है। 

गौरतलब है कि भाजपा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बुधवार को ही सुदर्शन के आरोपों के संबंध में कहा कि यह आरोप पहली बार नहीं लगे हैं। दीनानाथ मिश्रा की पुस्तक में इसका विस्तार से उल्लेख है। पिछले लोकसभा चुनाव के पहले लखनऊ में मेनका गांधी ने इस किताब को लेकर प्रेस कांफ्रेंस की थी। 

मम्मी से कह कर प्रतिबंध लगवा दें: झा 

आरएसएस के धरने में भाजपा और संघ नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष प्रभात झा ने तो यहां तक कहा कि राहुल गांधी चाहें तो 'अपनी मम्मी सोनिया गांधी से कह कर संघ पर प्रतिबंध लगवा दें।' 

बुधवार को लिली टॉकीज चौराहे पर आयोजित धरने को संबोधित करते पूर्व सांसद आरिफ बेग ने कहा कि जिन इंद्रेशकुमार पर आतंकवाद में लिप्त होने का आरोप लगाया गया है वे बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के कश्मीर घाटी में मुसलमानों के घर में रहते हैं और उन्हें देश की मुख्य धारा से जोड़ने का काम कर रहे हैं।

आरोप कई, सबूत किसी का नहीं

पूर्व संघ प्रमुख सुदर्शन से पूछा गया कि ये खुलासे उन्होंने पहले क्यों नहीं किए तो वे चुप्पी साध गए। उन्होंने उस कांग्रेसी नेता का नाम भी नहीं बताया जिसने उन्हें सोनिया के सीआईए एजेंट होने की जानकारी दी थी। एक भाजपा नेता ने यह कहकर सुदर्शन का बचाव किया कि ये बातें 'सोनिया गांधी का सच' नामक किताब में लिखी हैं, उस किताब के लेखक पूर्व भाजपा सांसद से भास्कर ने बात की, तो उन्होंने साफ कहा कि मेरी किताब में ऐसा कुछ नहीं लिखा है। 

इंदिरा को भनक लग गई थी

सुदर्शन ने दावा किया कि राजीव ने ईसाई धर्म ग्रहण कर राबटरे नाम से सोनिया से शादी की। बाद में इंदिरा ने वैदिक पद्धति से शादी कराई। इंदिरा को इस बात की भनक लग गई थी कि सोनिया सीआईए एजेंट है, लेकिन इंदिरा उसका अपने हिसाब से उपयोग करना चाहती थी। 

सोनिया चाहती तो बच जातीं इंदिरा

इंदिरा की सुरक्षा से सतवंत सिंह (गोली मारने वाला सुरक्षा कर्मी) को हटाने की बात हुई थी, लेकिन सोनिया ने यह नहीं होने दिया। जब इंदिरा को गोली लगी तो उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाने की बजाय वे एम्स ले गई, जो काफी दूर था। तब तक उनका काफी खून बह चुका था। एम्स के डॉक्टरों ने कहा- ब्राट डेड (यानी अस्पताल लाए जाने पर उनकी मृत्यु हो चुकी थी)। 

राजीव गांधी को भी शक हो गया था

सुदर्शन ने दावा किया कि राजीव को भी सोनिया पर शक हो गया था। वे उनसे अलग होने का मन बना रहे थे। सुदर्शन ने सोनिया पर राजीव की हत्या के षड्यंत्र का आरोप लगाते हुए कहा कि सोनिया के इशारे पर श्रीपेरुंबुदूर की सभा में जेड प्लस सुरक्षा नहीं की गई। सुदर्शन ने सवाल किया कि इस बात की जांच क्यों नहीं होती कि राजीव को जेड प्लस सुरक्षा क्यों नहीं उपलब्ध कराई गई?

सुदर्शन का आरोप उनकी ओछी मानसिकता दर्शाता है। सोनिया गांधी उस परिवार की बहू हैं जिसने देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। 

सुरेश पचौरी, अध्यक्ष, प्रदेश कांग्रेस

पहले भी चल चुके हैं सुदर्शन के विवादित तीर..

'अयोध्या में विवादित ढांचे को बम से ध्वस्त किया गया था।' (दिसंबर, 2000) 'हिंदुओं को कम से कम तीन बच्चे पैदा करने चाहिए ताकि हिंदू धर्म,संस्कृति और समाज की रक्षा हो सके।' (नवंबर, 2005) 'जिन्ना के कई चेहरे थे। यदि आप इतिहास ठीक से पढ़ेंगे तो पाएंगे कि वे तिलक की तरह संयुक्त भारत के लिए प्रतिबद्ध थे।' (अगस्त, 2009)

'नेहरू और माउंटबेटन कश्मीर समस्या के लिए जिम्मेदार थे। नेहरू एडविना के प्रभाव में काम करते थे। इंदिरा तत्कालीन प्रधानमंत्री शास्त्री की मौत के लिए जिम्मेदार थीं।' (अक्टूबर 2010)

ये आहत मन की पीड़ा

सोनिया गांधी पर सुदर्शन की टिप्पणी को प्रदेश अध्यक्ष प्रभात झा ने 'आहत मन की पीड़ा' बताया है। उन्होंने कहा कि संघ के खिलाफ दुष्प्रचार से सुदर्शन गहरी तकलीफ में हैं। 

झा ने कहा कि पूर्व संघ प्रमुख की टिप्पणी पर वे कोई प्रतिक्रिया नहीं जताएंगे। जब उनका जन्म भी नहीं हुआ था,सुदर्शन तब से संघ के लिए कार्य कर रहे हैं। झा ने कहा कि संघ के देशव्यापी धरने की सफलता से कांग्रेस उसकी ताकत का अंदाजा लगा सकती है। संघ हमारी मातृसंस्था है।

85 साल बाद सड़कों पर उतरा संघ

..क्योंकि आतंकी होने का ठप्पा लग रहा था।
1925 में स्थापना के बाद  संघ पहली बार सड़कों पर विरोध करने उतरा और धरना दिया।
अजमेर समेत देश के कुछ हिस्सों में हुए विस्फोटों में स्वयंसेवकों का नाम शामिल किए जाने के खिलाफ संघ ने बुधवार को देशभर में धरने-प्रदर्शन आयोजित किए। लखनऊ में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि जब-जब दिल्ली में सत्ता डोलती है तब-तब संघ को निशाना बनाने का षड्यंत्र रचा जाता है।


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Mahi

सुदर्शन पर केस, जांच जारी

सुदर्शन पर केस, जांच जारी 

 

जयपुर/नई दिल्ली। । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रमुख केएस सुदर्शन की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर की गई टिप्पणी के मामले में दर्ज मुकदमे की जांच माणकचौक थानाधिकारी करेंगे। इस मामले में पुलिस परिवादी के बयान भी दर्ज करेगी। पुलिस पूर्व संघ प्रमुख से पूछताछ कर सकती है। हालांकि पूछताछ कब और कहां होगी यह अभी तक साफ नहीं हो सका है। साथ ही परिवादी से मुकदमे से संबंधित दस्तावेज भी मांगा जाएगा। अदालत के आदेश पर माणक चौक थाना पुलिस ने सुदर्शन के खिलाफ भारतीय दण्ड संहिता की धारा 153 (बी), 505, 500 के तहत मामला दर्ज किया था।

एएसपी अनिल गोठवाल के मुताबिक, बयानबाजी को लेकर दर्ज मामले की जांच माणकचौक थानाधिकारी विधाधर डूडी को सौंपी गई है। गोठवाल का कहना है कि मामले में परिवादी के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। इसके अलावा परिवादी से बयानबाजी के सबूत के संबंध में दस्तावेज भी मांगा जाएगा।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रमुख केएस सुदर्शन की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर की गई टिप्पणी को लेकर देशभर में जबर्दस्त बवाल मचा हुआ है। कांग्रेस और इससे संबंधित संगठन सुदर्शन के खिलाफ देशभर मे आंदोलन छेड़े हुए र्है।

संघ को खेद

राष्ट्रीय स्वयंसेवक ने पूर्व संघ प्रमुख के.एस.सुदर्शन की कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के संबंध में की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए शुक्रवार को सार्वजनिक रूप से खेद व्यक्त किया। उधर, कांग्रेस की ओर से जयपुर व भोपाल में सुदर्शन के विरूद्ध मामला दर्ज कराया गया है। जयपुर में सुरेश मिश्रा व भोपाल में प्रदीप शर्मा ने मामला दर्ज कराया। भोपाल में मामले पर दो दिसम्बर को सुनवाई होगी।

संघ के सरकार्यवाह सुरेश जोशी ने यहां जारी बयान में कहा कि सुदर्शन की कथित टिप्पणियों को संघ का मत नहीं माना जाना चाहिए। भावनाओं को आहत करने वाली टिप्पणियों से जुड़ा घटनाक्रम दुर्भाग्यपूर्ण है, जिसके लिए वह संघ के महासचिव के रूप में हार्दिक रूप से खेद व्यक्त करते हैं। उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि टिप्पणियों से उपजे विवाद के संबंध में शांति और संयम कायम रखें। इस बीच, भाजपा ने कहा कि संघ के खेद जताने और खुद को बयान से अलग करने के बाद भी कांग्रेस मामले को बेवजह तूल दे रही है। भाजपा ने संघ के खेद जताने के बयान से सहमति जताई। 

संघ करेगा जांच 
पूर्व सरसंघ चालक के.एस. सुदर्शन की सोनिया गांधी पर टिप्पणी से "बैकफुट" पर आए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को आशंका है कि सुदर्शन ने जो कहा उसमें जुबान भले उनकी थी, लेकिन दिमाग किसी और का था। इस छिपे चेहरे को सामने लाने का जिम्मा संघ के सह सर कार्यवाह सुरेश सोनी को सौंपा गया है। 

सुदर्शन को ऎसे बयान की सलाह देने वाले के रूप में शक की सुई ऎसे चेहरे पर अटकी है, जिसकी भाजपा नेता विजयाराजे सिंधिया के समय संघ में अच्छी दखल थी। वे अपने काम में जुट भी गए हैं। दरअसल संघ की चिंता का कारण है। इस झमेले से उसकी बनी बनाई रणनीति पर असर पड़ा है क्योंकि आतंकवाद के मुद्दे पर संघ-भाजपा की जुगलबंदी से केन्द्र सरकार दबाव में आ गई थी, लेकिन सुदर्शन की टिप्पणी से सारे किए कराए पर पानी फिर गया।


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Mahi

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